KNOW HOW AM I...BUT DONT BE TYPED PLEASE...JUST HINTS...

HARI OM TATSAT...
BHAGWAN BOLE...
JLA TO DIYE HAIN...JLAYE RAKHNA....
BO TO CHLA...DEKHNA TUM....
WHAT TYPE OF A PERSON YOU ARE..INTROVERT OR EXTROVERT..

WHAT KIND ..
KNOWING ..DOING...FEELING ..

BECOMING ORIENTED OR BEING ORIENTED..





ON WAY OF JESUS OR BUDDHAOR MOHAMMED OR KRISHNAOR NANAK OR OF OSHO...



IS YOUR LIFE JOURNEY..
BASED ON EARS..OR TONGUE..
NOSE..EYES OR SEX


AT WHICH CENTRE YOU LIVE..

SEX CENTRE OR.. THOUGHT CENTRE.
OR HEART CENTRE....

WHICH BODY IS....
MORE ACTIVE AND AWARE..
PHYSICAL..ETHERIC...
SUBTLE ..CAUSAL..
SPIRITUAL..OR HIGHERS..


YOU ARE MALE BY PHYSICAL BODY
BUT BY PSHYCHIC FEMALE
OR REVERSE MAY BE THE CASE..

YOU ARE ON PATH OF IMAGINATION
OR ONPATH OF MEDITATION..

WHY WE ARE HERE IN HUMAN BODY AT THIS PLANET EARTH..TO FIGHT OR TO CIRCULATE LOVE AND LIGHT

IN HUMAN BODY ! AS A H HUMAN BEING

WHY WE EXIST
AND
UP TO WHAT ATTAINMENT
OUR EXISTENCE REMAINS..
AND
WHAT

WE ARE SEARCHING IN THIS LIFE

OUT SIDE OR INSIDE OF US

LOST GOD..LOST LOVE OR LOST........ .

REAL AND ETERNAL

CENTER

THE SECRET OF THE SECRETS IS ..

..THE GOD IS... THE.. CENTER

SAY IT ALLNESS .

SAY IT NOTHINGNESS OR LOVELINESS OR

VASTNESS OR GODLINESS....

OR BEYOND ENLIGHENTMENT

MERE ORDINARINESS

WITH EXTRA ORDINARY AWARENESS

SEE N SAY WWW.OSHOREVOLUTION.BLOGSPOT.COM

OSHO REVOLUTION FIRST HAPPEN IN THE BEING OF HUMAN THEN SPREADS IN ALL DIRECTION AND DIMENSIONS.

-HARIOM AGGRBHARTI 0091-9313539612



OSHO EXIHIBITION AT AGGRBHARTI OSHO REVOLUTION CENTRE IN NEW DELHI INDIA

OSHO EXIHIBITION AT AGGRBHARTI OSHO REVOLUTION CENTRE IN NEW DELHI INDIA
INVITATION AND WELCOME

WHO KILLED OSHO? WHY? OSHO EXHIBITION AT AGGRBHARTI OSHO REVOLUTION CENTER TO ASK OR ANSWER

WHO KILLED OSHO ?

WHY?
!
FOR WHAT?
!
FOR WHOM?
WHAT HAVE YOU DONE
OR DOING?
SAY IN
!
OSHO EXHIBITION
AT
AGGRBHARTI
OSHO REVOLUTION CENTRE

G-1 / 472 DAL MILL ROAD UTTAM NAGAR NEW DELHI 110059
NEAR METRO PILLAR 683
PH.0091-9313539612 ...
YOU ALONG WITH ALL OF YOU ARE LOVINGLY INVITED..
TO

LOOK AND LOVE YOUR ORIGINAL FACE FULL OF TRUTH AND GRACE
FIRST IN THE EYES OF OSHO
ALSO AT WWW.OSHOREVOLUTION.BLOGSPOT.COM

TO SEE AND BE
OSHO REVOLUTION
IN ACTION..
...

REGARDS...

AGGRBHARTI
for any truth support or contribution to osho revolution
PH.0091-9313539612 ...EMAIL..HARIOMAGGRBHARTI@GMAIL.COM..


ASK OR ANSWER

HARIOMAGGRBHARTI@GMAIL.COM..
.

Thursday 30 October 2008

WHO KILLED OSHO'...? WHAT ONE CAN...

OSHO NOW...


OSHO FLOWERS...


फूल खिलते हैं... दुनिया में मगर... मुश्किल से...







महाप्रस्थान के पथ पर महाआरंभ - ओशो




WHO KILLED OSHO'


?


WHY

!


आप आवाज़ दें ...
ओशो !
जवाब हम देगें...



अग्रभारती




SEE & SAY


HARIOM AGGRBHARTI
DHYAN POINT (INDIA)
PH - 09313539612 PH - 09315475945

ओशो ऑन दादू...



हाथ नही हैं और धनुष साधा हुआ है


धनुष नही है और तीर चढा हुआ है


तीर नही है और चोट लग रही है गहरे


निशाना ठीक बैठ रहा है...


ये परमात्मा के लिए कहा है


ओशो ऑन दादू

तुम जागे... मन सोया...



तुम जागे


मन सोया


तुम सोये


मन जागा

बुद्ध को समझने के लिए स्वयं के बुद्धत्व में उतरना जरूरी है...


तृष्णा को समझा तो बुद्ध को समझा

तृष्णा को समझ लेने से ही तृष्णा गिर जाती है

और फिर जो शेष रह जाता है वही बुद्धत्व है

बुद्ध को समझने के लिए गौतम बुद्ध को समझना जरुरी नही

बुद्ध को समझने के लिए स्वयं के बुद्धत्व में उतरना जरूरी है

REWIND & REVIEW YOUR ACTIONS...


WHAT ARE YOU DOING

OR

WHAT YOU HAVE DONE

FOR OR AGAINST

OSHO REVOLUTION

SEE & SAY


HARIOM AGGRBHARTI

DHYAN POINT (INDIA)

PH - 09313539612 PH - 09315475945

WHO IS IN...? ARE YOU...


WHO IS BREATHING IN YOU

!

ARE YOU

SEE & SAY


WHO IS WITH YOU
!

ARE YOU

SEE & SAY


WHO IS IN YOU

!

ARE YOU

SEE & SAY


HARIOM AGGRBHARTI

DHYAN POINT (INDIA)

PH - 09313539612 PH - 09315475945

जो चैतन्य को बढाते हैं... ओशो


आत्मा को तो केवल वे ही लोग जान पाते हैं

जो चैतन्य को बढाते हैं

इस तरह जियो कि तुम में राख इक्कठी ना हो

इस तरह जियो कि तुम्हारे भीतर का अंगारा जलता रहे

प्रकाशित हो

इस तरह जियो कि प्रतिक्षण तुम होश में रहो

बेहोश नही

TRANSCEND LOVE TO BE IN BUDDHAS...


जो संसार से ऊब गया

वही गुरु के पास आ सकेगा...

जो प्रेम से भी ऊब गया

वही गुरु के साथ जा सकेगा...

क्योंकि... प्रेम सब कुछ है

छल भी... चालाकी भी...

भ्रान्ति भी... क्रांति भी...

महाशुन्य भी... महाशान्ति भी...

BE BRIGHT IN THE LIGHT OF BUDDHAS...


बुद्धों की पुकार वही सुनता है

जो बुद्धों के दीये में जलता है

SEE & SAY


HARIOM AGGRBHARTI

DHYAN POINT (INDIA)

PH - 09313539612, PH - 09315475945

Monday 27 October 2008

THOSE WHO LISTEN CALL OF OSHO...


सागर जैसे सरिता को बुलाता है

ऐसे ही मैंने तुम्हे पुकारा है

यही पुकार तुम्हारे प्राणों में गूंजी है

और गूँज सकी

क्योंकि वंहा सदा सदा से

उसकी प्रतीक्षा थी - प्यास थी

अब देर न करो

ऐसे भी बहुत देर हो चुकी है

ध्यान में उतरो

क्योंकि वहीँ और केवल वहीँ

मुझसे मिलन हो सकता है

और मुझसे ही नही

सबसे भी

और सबसे ही नही

स्वयं से भी

ओशो

आओ मेरे पास और मैं तुम्हें दूँगा... ओशो


आओ मेरे पास

और मैं तुम्हें दूँगा

भरपूर जीवन

ओशो ऑन जीसस

माँ रहस्य... ओशो भविष्य...

OSHO - THE MOTHER MYSTERY

माँ रहस्य...

ओशो भविष्य...

BEFORE WE LEAVE....GIFT THIS EARTH.....

MY LOVE...



OSHO LOVE WISHES






US






BEFORE WE LEAVE






TO GIFT THIS EARTH






OUR OWN






ENLIGHTENING DIWALI



HARIOM AGGRBHARTI


Monday 20 October 2008

प्रेम से मनुष्य जिन्दा रहता है...

सत्य की आकांशा से ही मनुष्य जन्मता है...
प्रेम से मनुष्य जिन्दा रहता है...

कुछ नही पन है मेरा संदेश...


प्रार्थना है ब्रह्माण्ड से प्रेम...


ये हैं बुद्ध पुरूष ओशो

जो मनुष्य

सत्य में जीने का साहस...

ज्ञान... कला... धर्म... दिखाते हैं

एक को पाने के लिए एक ही काफी है... ओशो

ये हैं बुद्ध पुरूष ओशो



ये हैं बुद्ध पुरूष ओशो


जो अब 1996 से


हवाओं पर सवार हैं


इन्हें महसूस करें


बुद्ध पुरुषों पर ध्यान करना


सबसे गहरा ध्यान है

खोना हो... पाना हो... रहना हो... ओशो

ये हैं बुद्ध पुरूष ओशो...
लड़ना हो...
खोजना हो...
पाना हो...
खोना हो...
ऐसे और इनमें रह सकते हैं...

ये हैं बुद्ध पुरूष - ओशो - सुने... देखें... नाचे...

ये हैं बुद्ध पुरूष - ओशो
सुन सकते हैं तो सुने... ओशो

देख सकते हैं तो देखें... ओशो


ध्यान में डूब सकते हैं... डुबो


प्रेम में नहा सकते हैं... नहायें


नाच सकते हैं... नाचें

ओशो - आज भी कुछ के लिए नाम ही काफी है...

OSHO
MY LOVE

MY LIFE

MY DEATH

MY BIRTH

MY...

ओशो - आज भी कुछ के लिए नाम ही काफी है...

Sunday 19 October 2008

WHO... HAVE YOU SEEN... HAVE YOU MET...

देखा क्या... कभी मिले...
कौन हैं ये... क्या ये ओशो हैं...
ये ओशो कौन हैं...
क्या ये सिर्फ़ इंसान हैं...
या कोई नाचते हुए भगवान् हैं... और ये...